दैनिक पंचांग
बुधवार, 21 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल दशमी, 14:12 पर्यंत नंतर शुक्ल एकादशी, 22 ऑक्टोबर, 14:48 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा, 19:48 पर्यंत नंतर शततारका, 22 ऑक्टोबर, 20:49 पर्यंत |
| योग | गंड, 22 ऑक्टोबर, 00:33 पर्यंत नंतर वृद्धी, 22 ऑक्टोबर, 23:39 पर्यंत |
| करण | गर, 14:12 पर्यंत नंतर वणिज, 22 ऑक्टोबर, 02:36 पर्यंत नंतर विष्टी, 22 ऑक्टोबर, 14:48 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:45 |
| चंद्रोदय | 14:50 |
| चंद्रास्त | 22 ऑक्टोबर, 02:22 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | मकर, 07:00; नंतर कुंभ, 23 ऑक्टोबर, 15:04 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:05 – 13:30 |
|---|---|
| यमगंड | 07:50 – 09:15 |
| गुलिक काळ | 10:40 – 12:05 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:28 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:25 – 07:50 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:50 – 09:15 | शुभ |
| काळ | 09:15 – 10:40 | टाळा |
| शुभ | 10:40 – 12:05 | शुभ |
| रोग | 12:05 – 13:30 | टाळा |
| उद्वेग | 13:30 – 14:55 | टाळा |
| चर | 14:55 – 16:20 | सम |
| लाभ | 16:20 – 17:45 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 17:45 – 19:20 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:20 – 20:55 | शुभ |
| अमृत | 20:55 – 22:30 | शुभ |
| चर | 22:30 – 00:05 | सम |
| रोग | 00:05 – 01:40 | टाळा |
| काळ | 01:40 – 03:15 | टाळा |
| लाभ | 03:15 – 04:50 | शुभ |
| उद्वेग | 04:50 – 06:25 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.