दैनिक पंचांग
सोमवार, 2 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण अष्टमी, 13:11 पर्यंत नंतर कृष्ण नवमी, 3 नोव्हेंबर, 11:55 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा, 3 नोव्हेंबर, 03:46 पर्यंत नंतर मघा, 4 नोव्हेंबर, 03:26 पर्यंत |
| योग | शुभ, 12:06 पर्यंत नंतर शुक्ल, 3 नोव्हेंबर, 09:54 पर्यंत |
| करण | कौलव, 13:11 पर्यंत नंतर तैतिल, 3 नोव्हेंबर, 00:29 पर्यंत नंतर गर, 3 नोव्हेंबर, 11:55 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:35 |
| चंद्रोदय | 3 नोव्हेंबर, 00:40 |
| चंद्रास्त | 13:27 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | कर्क, 3 नोव्हेंबर, 03:46; नंतर सिंह, 5 नोव्हेंबर, 09:34 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:56 – 09:18 |
|---|---|
| यमगंड | 10:41 – 12:04 |
| गुलिक काळ | 13:27 – 14:50 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:26 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 06:33 – 07:56 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:56 – 09:18 | टाळा |
| शुभ | 09:18 – 10:41 | शुभ |
| रोग | 10:41 – 12:04 | टाळा |
| उद्वेग | 12:04 – 13:27 | टाळा |
| चर | 13:27 – 14:50 | सम |
| लाभ | 14:50 – 16:12 | शुभ |
| अमृत | 16:12 – 17:35 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 17:35 – 19:12 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:12 – 20:50 | टाळा |
| काळ | 20:50 – 22:27 | टाळा |
| लाभ | 22:27 – 00:04 | शुभ |
| उद्वेग | 00:04 – 01:42 | टाळा |
| शुभ | 01:42 – 03:19 | शुभ |
| अमृत | 03:19 – 04:56 | शुभ |
| चर | 04:56 – 06:34 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.