दैनिक पंचांग
मंगळवार, 3 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण नवमी, 11:55 पर्यंत नंतर कृष्ण दशमी, 4 नोव्हेंबर, 11:03 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 4 नोव्हेंबर, 03:26 पर्यंत नंतर पूर्वा फाल्गुनी, 5 नोव्हेंबर, 03:30 पर्यंत |
| योग | शुक्ल, 09:54 पर्यंत नंतर ब्रह्म, 4 नोव्हेंबर, 08:01 पर्यंत |
| करण | गर, 11:55 पर्यंत नंतर वणिज, 23:26 पर्यंत नंतर विष्टी, 4 नोव्हेंबर, 11:03 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:34 |
| चंद्रोदय | 4 नोव्हेंबर, 01:42 |
| चंद्रास्त | 14:03 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | सिंह |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:49 – 16:12 |
|---|---|
| यमगंड | 09:19 – 10:41 |
| गुलिक काळ | 12:04 – 13:27 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:26 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:34 – 07:56 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:56 – 09:19 | टाळा |
| चर | 09:19 – 10:41 | सम |
| लाभ | 10:41 – 12:04 | शुभ |
| अमृत | 12:04 – 13:27 | शुभ |
| काळ | 13:27 – 14:49 | टाळा |
| शुभ | 14:49 – 16:12 | शुभ |
| रोग | 16:12 – 17:34 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 17:34 – 19:12 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:12 – 20:49 | शुभ |
| उद्वेग | 20:49 – 22:27 | टाळा |
| शुभ | 22:27 – 00:04 | शुभ |
| अमृत | 00:04 – 01:42 | शुभ |
| चर | 01:42 – 03:19 | सम |
| रोग | 03:19 – 04:57 | टाळा |
| काळ | 04:57 – 06:34 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.