दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 13 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी, 20:43 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 14 नोव्हेंबर, 23:24 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ, 17:17 पर्यंत नंतर पूर्वाषाढा, 14 नोव्हेंबर, 20:24 पर्यंत |
| योग | धृती, 14 नोव्हेंबर, 05:23 पर्यंत नंतर शूल, 15 नोव्हेंबर, 06:22 पर्यंत |
| करण | वणिज, 07:24 पर्यंत नंतर विष्टी, 20:43 पर्यंत नंतर बव, 14 नोव्हेंबर, 10:03 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:28 |
| चंद्रोदय | 10:15 |
| चंद्रास्त | 20:26 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | धनु |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:44 – 12:05 |
|---|---|
| यमगंड | 14:46 – 16:07 |
| गुलिक काळ | 08:02 – 09:23 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:26 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:41 – 08:02 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 08:02 – 09:23 | शुभ |
| अमृत | 09:23 – 10:44 | शुभ |
| काळ | 10:44 – 12:05 | टाळा |
| शुभ | 12:05 – 13:26 | शुभ |
| रोग | 13:26 – 14:46 | टाळा |
| उद्वेग | 14:46 – 16:07 | टाळा |
| चर | 16:07 – 17:28 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 17:28 – 19:07 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:07 – 20:47 | टाळा |
| लाभ | 20:47 – 22:26 | शुभ |
| उद्वेग | 22:26 – 00:05 | टाळा |
| शुभ | 00:05 – 01:44 | शुभ |
| अमृत | 01:44 – 03:24 | शुभ |
| चर | 03:24 – 05:03 | सम |
| रोग | 05:03 – 06:42 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.