दैनिक पंचांग
सोमवार, 16 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल सप्तमी, 17 नोव्हेंबर, 04:20 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 18 नोव्हेंबर, 06:05 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण, 17 नोव्हेंबर, 02:17 पर्यंत नंतर धनिष्ठा, 18 नोव्हेंबर, 04:34 पर्यंत |
| योग | गंड, 07:16 पर्यंत नंतर वृद्धी, 17 नोव्हेंबर, 07:54 पर्यंत |
| करण | गर, 15:14 पर्यंत नंतर वणिज, 17 नोव्हेंबर, 04:20 पर्यंत नंतर विष्टी, 17 नोव्हेंबर, 17:17 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:27 |
| चंद्रोदय | 12:16 |
| चंद्रास्त | 23:14 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | मकर |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:04 – 09:24 |
|---|---|
| यमगंड | 10:45 – 12:05 |
| गुलिक काळ | 13:26 – 14:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:27 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 06:44 – 08:04 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 08:04 – 09:24 | टाळा |
| शुभ | 09:24 – 10:45 | शुभ |
| रोग | 10:45 – 12:05 | टाळा |
| उद्वेग | 12:05 – 13:26 | टाळा |
| चर | 13:26 – 14:46 | सम |
| लाभ | 14:46 – 16:06 | शुभ |
| अमृत | 16:06 – 17:27 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 17:27 – 19:07 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:07 – 20:46 | टाळा |
| काळ | 20:46 – 22:26 | टाळा |
| लाभ | 22:26 – 00:06 | शुभ |
| उद्वेग | 00:06 – 01:45 | टाळा |
| शुभ | 01:45 – 03:25 | शुभ |
| अमृत | 03:25 – 05:05 | शुभ |
| चर | 05:05 – 06:44 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.