दैनिक पंचांग
शनिवार, 21 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वादशी, 22 नोव्हेंबर, 04:56 पर्यंत नंतर शुक्ल त्रयोदशी, 23 नोव्हेंबर, 02:37 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 06:50 पर्यंत नंतर रेवती, 22 नोव्हेंबर, 05:55 पर्यंत नंतर अश्विनी, 23 नोव्हेंबर, 04:15 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 22 नोव्हेंबर, 02:30 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 22 नोव्हेंबर, 23:29 पर्यंत |
| करण | बव, 17:50 पर्यंत नंतर बालव, 22 नोव्हेंबर, 04:56 पर्यंत नंतर कौलव, 22 नोव्हेंबर, 15:52 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:25 |
| चंद्रोदय | 14:49 |
| चंद्रास्त | 22 नोव्हेंबर, 04:04 |
| सूर्य रास | वृश्चिक |
| चंद्र रास | मीन, 22 नोव्हेंबर, 05:55; नंतर मेष, 24 नोव्हेंबर, 07:24 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:27 – 10:47 |
|---|---|
| यमगंड | 13:26 – 14:46 |
| गुलिक काळ | 06:48 – 08:07 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:28 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 06:48 – 08:07 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 08:07 – 09:27 | शुभ |
| रोग | 09:27 – 10:47 | टाळा |
| उद्वेग | 10:47 – 12:06 | टाळा |
| चर | 12:06 – 13:26 | सम |
| लाभ | 13:26 – 14:46 | शुभ |
| अमृत | 14:46 – 16:05 | शुभ |
| काळ | 16:05 – 17:25 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 17:25 – 19:05 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 19:05 – 20:46 | टाळा |
| शुभ | 20:46 – 22:26 | शुभ |
| अमृत | 22:26 – 00:07 | शुभ |
| चर | 00:07 – 01:47 | सम |
| रोग | 01:47 – 03:28 | टाळा |
| काळ | 03:28 – 05:08 | टाळा |
| लाभ | 05:08 – 06:48 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.