दैनिक पंचांग
सोमवार, 30 नोव्हेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण सप्तमी, 1 डिसेंबर, 00:12 पर्यंत नंतर कृष्ण अष्टमी, 1 डिसेंबर, 23:14 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा, 09:42 पर्यंत नंतर मघा, 1 डिसेंबर, 09:00 पर्यंत |
| योग | इंद्र, 14:27 पर्यंत नंतर वैधृती, 1 डिसेंबर, 12:15 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 12:55 पर्यंत नंतर बव, 1 डिसेंबर, 00:12 पर्यंत नंतर बालव, 1 डिसेंबर, 11:38 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 23:36 |
| चंद्रास्त | 12:03 |
| सूर्य रास | वृश्चिक |
| चंद्र रास | कर्क, 09:42; नंतर सिंह, 2 डिसेंबर, 14:59 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:13 – 09:32 |
|---|---|
| यमगंड | 10:50 – 12:09 |
| गुलिक काळ | 13:28 – 14:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 – 12:30 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 06:55 – 08:13 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 08:13 – 09:32 | टाळा |
| शुभ | 09:32 – 10:50 | शुभ |
| रोग | 10:50 – 12:09 | टाळा |
| उद्वेग | 12:09 – 13:28 | टाळा |
| चर | 13:28 – 14:46 | सम |
| लाभ | 14:46 – 16:05 | शुभ |
| अमृत | 16:05 – 17:24 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 17:24 – 19:05 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:05 – 20:47 | टाळा |
| काळ | 20:47 – 22:28 | टाळा |
| लाभ | 22:28 – 00:09 | शुभ |
| उद्वेग | 00:09 – 01:51 | टाळा |
| शुभ | 01:51 – 03:32 | शुभ |
| अमृत | 03:32 – 05:14 | शुभ |
| चर | 05:14 – 06:55 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.