दैनिक पंचांग
बुधवार, 2 डिसेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण नवमी, 22:52 पर्यंत नंतर कृष्ण दशमी, 3 डिसेंबर, 23:04 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 08:55 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 3 डिसेंबर, 09:23 पर्यंत |
| योग | विष्कुंभ, 10:31 पर्यंत नंतर प्रीती, 3 डिसेंबर, 09:15 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 10:59 पर्यंत नंतर गर, 22:52 पर्यंत नंतर वणिज, 3 डिसेंबर, 10:54 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:56 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 3 डिसेंबर, 01:36 |
| चंद्रास्त | 13:08 |
| सूर्य रास | वृश्चिक |
| चंद्र रास | सिंह, 14:59; नंतर कन्या, 4 डिसेंबर, 23:02 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:10 – 13:28 |
|---|---|
| यमगंड | 08:15 – 09:33 |
| गुलिक काळ | 10:51 – 12:10 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 – 12:31 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:56 – 08:15 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:15 – 09:33 | शुभ |
| काळ | 09:33 – 10:51 | टाळा |
| शुभ | 10:51 – 12:10 | शुभ |
| रोग | 12:10 – 13:28 | टाळा |
| उद्वेग | 13:28 – 14:47 | टाळा |
| चर | 14:47 – 16:05 | सम |
| लाभ | 16:05 – 17:24 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 17:24 – 19:05 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:05 – 20:47 | शुभ |
| अमृत | 20:47 – 22:29 | शुभ |
| चर | 22:29 – 00:10 | सम |
| रोग | 00:10 – 01:52 | टाळा |
| काळ | 01:52 – 03:34 | टाळा |
| लाभ | 03:34 – 05:15 | शुभ |
| उद्वेग | 05:15 – 06:57 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.