दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 4 डिसेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण एकादशी, 23:45 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वादशी, 6 डिसेंबर, 00:52 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त, 10:23 पर्यंत नंतर चित्रा, 5 डिसेंबर, 11:49 पर्यंत |
| योग | आयुष्मान, 08:23 पर्यंत नंतर सौभाग्य, 5 डिसेंबर, 07:53 पर्यंत |
| करण | बव, 11:21 पर्यंत नंतर बालव, 23:45 पर्यंत नंतर कौलव, 5 डिसेंबर, 12:15 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 5 डिसेंबर, 03:30 |
| चंद्रास्त | 14:08 |
| सूर्य रास | वृश्चिक |
| चंद्र रास | कन्या, 23:02; नंतर तूळ, 7 डिसेंबर, 09:14 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | कार्तिक |
| महिना (पौर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:52 – 12:11 |
|---|---|
| यमगंड | 14:47 – 16:05 |
| गुलिक काळ | 08:16 – 09:34 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:32 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:58 – 08:16 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 08:16 – 09:34 | शुभ |
| अमृत | 09:34 – 10:52 | शुभ |
| काळ | 10:52 – 12:11 | टाळा |
| शुभ | 12:11 – 13:29 | शुभ |
| रोग | 13:29 – 14:47 | टाळा |
| उद्वेग | 14:47 – 16:05 | टाळा |
| चर | 16:05 – 17:24 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 17:24 – 19:05 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:05 – 20:47 | टाळा |
| लाभ | 20:47 – 22:29 | शुभ |
| उद्वेग | 22:29 – 00:11 | टाळा |
| शुभ | 00:11 – 01:53 | शुभ |
| अमृत | 01:53 – 03:35 | शुभ |
| चर | 03:35 – 05:17 | सम |
| रोग | 05:17 – 06:58 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.