दैनिक पंचांग
गुरुवार, 31 डिसेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण अष्टमी, 12:32 पर्यंत नंतर कृष्ण नवमी, 1 जानेवारी, 13:10 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त, 16:13 पर्यंत नंतर चित्रा, 1 जानेवारी, 17:29 पर्यंत |
| योग | शोभन, 12:26 पर्यंत नंतर अतिगंड, 1 जानेवारी, 11:43 पर्यंत |
| करण | कौलव, 12:32 पर्यंत नंतर तैतिल, 1 जानेवारी, 00:46 पर्यंत नंतर गर, 1 जानेवारी, 13:10 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:34 |
| चंद्रोदय | 1 जानेवारी, 01:25 |
| चंद्रास्त | 12:10 |
| सूर्य रास | धनु |
| चंद्र रास | कन्या, 1 जानेवारी, 04:47; नंतर तूळ, 3 जानेवारी, 15:00 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | मार्गशीर्ष |
| महिना (पौर्णिमांत) | पौष |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 13:41 – 14:59 |
|---|---|
| यमगंड | 07:13 – 08:30 |
| गुलिक काळ | 09:48 – 11:06 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:03 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 07:13 – 08:30 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 08:30 – 09:48 | टाळा |
| उद्वेग | 09:48 – 11:06 | टाळा |
| चर | 11:06 – 12:24 | सम |
| लाभ | 12:24 – 13:41 | शुभ |
| अमृत | 13:41 – 14:59 | शुभ |
| काळ | 14:59 – 16:17 | टाळा |
| शुभ | 16:17 – 17:34 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 17:34 – 19:17 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:17 – 20:59 | सम |
| रोग | 20:59 – 22:41 | टाळा |
| काळ | 22:41 – 00:24 | टाळा |
| लाभ | 00:24 – 02:06 | शुभ |
| उद्वेग | 02:06 – 03:48 | टाळा |
| शुभ | 03:48 – 05:31 | शुभ |
| अमृत | 05:31 – 07:13 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.