दैनिक पंचांग
मंगळवार, 2 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण दशमी, 3 मार्च, 04:44 पर्यंत नंतर कृष्ण एकादशी, 4 मार्च, 07:24 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ, 19:27 पर्यंत नंतर पूर्वाषाढा, 3 मार्च, 22:34 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 3 मार्च, 00:07 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 4 मार्च, 01:06 पर्यंत |
| करण | वणिज, 15:25 पर्यंत नंतर विष्टी, 3 मार्च, 04:44 पर्यंत नंतर बव, 3 मार्च, 18:05 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:45 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:21 |
| चंद्रोदय | 3 मार्च, 03:33 |
| चंद्रास्त | 12:55 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | धनु |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | माघ |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:27 – 16:54 |
|---|---|
| यमगंड | 09:39 – 11:06 |
| गुलिक काळ | 12:33 – 14:00 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:10 – 12:56 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:45 – 08:12 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 08:12 – 09:39 | टाळा |
| चर | 09:39 – 11:06 | सम |
| लाभ | 11:06 – 12:33 | शुभ |
| अमृत | 12:33 – 14:00 | शुभ |
| काळ | 14:00 – 15:27 | टाळा |
| शुभ | 15:27 – 16:54 | शुभ |
| रोग | 16:54 – 18:21 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:21 – 19:54 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:54 – 21:27 | शुभ |
| उद्वेग | 21:27 – 23:00 | टाळा |
| शुभ | 23:00 – 00:33 | शुभ |
| अमृत | 00:33 – 02:05 | शुभ |
| चर | 02:05 – 03:38 | सम |
| रोग | 03:38 – 05:11 | टाळा |
| काळ | 05:11 – 06:44 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.