दैनिक पंचांग
गुरुवार, 4 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण एकादशी, 07:24 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वादशी, 5 मार्च, 09:54 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा, 5 मार्च, 01:35 पर्यंत नंतर श्रवण, 6 मार्च, 04:20 पर्यंत |
| योग | वरीयान, 5 मार्च, 02:00 पर्यंत नंतर परिघ, 6 मार्च, 02:42 पर्यंत |
| करण | बालव, 07:24 पर्यंत नंतर कौलव, 20:41 पर्यंत नंतर तैतिल, 5 मार्च, 09:54 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 5 मार्च, 04:51 |
| चंद्रास्त | 14:47 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | मकर |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | माघ |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:00 – 15:27 |
|---|---|
| यमगंड | 06:43 – 08:10 |
| गुलिक काळ | 09:38 – 11:05 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 – 12:56 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 06:43 – 08:10 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 08:10 – 09:38 | टाळा |
| उद्वेग | 09:38 – 11:05 | टाळा |
| चर | 11:05 – 12:33 | सम |
| लाभ | 12:33 – 14:00 | शुभ |
| अमृत | 14:00 – 15:27 | शुभ |
| काळ | 15:27 – 16:55 | टाळा |
| शुभ | 16:55 – 18:22 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 18:22 – 19:55 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:55 – 21:27 | सम |
| रोग | 21:27 – 23:00 | टाळा |
| काळ | 23:00 – 00:32 | टाळा |
| लाभ | 00:32 – 02:05 | शुभ |
| उद्वेग | 02:05 – 03:37 | टाळा |
| शुभ | 03:37 – 05:09 | शुभ |
| अमृत | 05:09 – 06:42 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.