दैनिक पंचांग
बुधवार, 10 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वितीया, 15:53 पर्यंत नंतर शुक्ल तृतीया, 11 मार्च, 15:37 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 10:52 पर्यंत नंतर रेवती, 11 मार्च, 11:20 पर्यंत |
| योग | शुक्ल, 11 मार्च, 00:50 पर्यंत नंतर ब्रह्म, 11 मार्च, 23:22 पर्यंत |
| करण | कौलव, 15:53 पर्यंत नंतर तैतिल, 11 मार्च, 03:48 पर्यंत नंतर गर, 11 मार्च, 15:37 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:26 |
| चंद्रोदय | 07:22 |
| चंद्रास्त | 20:23 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | मीन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:31 – 14:00 |
|---|---|
| यमगंड | 08:05 – 09:34 |
| गुलिक काळ | 11:03 – 12:31 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 – 12:55 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:36 – 08:05 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:05 – 09:34 | शुभ |
| काळ | 09:34 – 11:03 | टाळा |
| शुभ | 11:03 – 12:31 | शुभ |
| रोग | 12:31 – 14:00 | टाळा |
| उद्वेग | 14:00 – 15:29 | टाळा |
| चर | 15:29 – 16:57 | सम |
| लाभ | 16:57 – 18:26 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:26 – 19:57 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:57 – 21:28 | शुभ |
| अमृत | 21:28 – 23:00 | शुभ |
| चर | 23:00 – 00:31 | सम |
| रोग | 00:31 – 02:02 | टाळा |
| काळ | 02:02 – 03:33 | टाळा |
| लाभ | 03:33 – 05:04 | शुभ |
| उद्वेग | 05:04 – 06:35 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.