दैनिक पंचांग
रविवार, 21 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी, 18:22 पर्यंत नंतर पौर्णिमा, 22 मार्च, 16:13 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 22:07 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 22 मार्च, 20:46 पर्यंत |
| योग | शूल, 16:58 पर्यंत नंतर गंड, 22 मार्च, 14:04 पर्यंत |
| करण | गर, 07:32 पर्यंत नंतर वणिज, 18:22 पर्यंत नंतर विष्टी, 22 मार्च, 05:15 पर्यंत नंतर बव, 22 मार्च, 16:13 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:32 |
| चंद्रोदय | 17:34 |
| चंद्रास्त | 22 मार्च, 06:00 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | सिंह, 22 मार्च, 03:44; नंतर कन्या, 24 मार्च, 07:33 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 17:01 – 18:32 |
|---|---|
| यमगंड | 12:28 – 13:59 |
| गुलिक काळ | 15:30 – 17:01 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 – 12:52 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 06:24 – 07:55 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:55 – 09:26 | सम |
| लाभ | 09:26 – 10:57 | शुभ |
| अमृत | 10:57 – 12:28 | शुभ |
| काळ | 12:28 – 13:59 | टाळा |
| शुभ | 13:59 – 15:30 | शुभ |
| रोग | 15:30 – 17:01 | टाळा |
| उद्वेग | 17:01 – 18:32 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 18:32 – 20:01 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 20:01 – 21:30 | शुभ |
| चर | 21:30 – 22:59 | सम |
| रोग | 22:59 – 00:28 | टाळा |
| काळ | 00:28 – 01:56 | टाळा |
| लाभ | 01:56 – 03:25 | शुभ |
| उद्वेग | 03:25 – 04:54 | टाळा |
| शुभ | 04:54 – 06:23 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.