दैनिक पंचांग
मंगळवार, 30 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण अष्टमी, 19:40 पर्यंत नंतर कृष्ण नवमी, 31 मार्च, 22:16 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा, 31 मार्च, 06:21 पर्यंत |
| योग | वरीयान, 06:54 पर्यंत नंतर परिघ, 31 मार्च, 07:53 पर्यंत |
| करण | बालव, 06:23 पर्यंत नंतर कौलव, 19:40 पर्यंत नंतर तैतिल, 31 मार्च, 08:58 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:37 |
| चंद्रोदय | 31 मार्च, 02:10 |
| चंद्रास्त | 11:41 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | धनु |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:31 – 17:04 |
|---|---|
| यमगंड | 09:19 – 10:52 |
| गुलिक काळ | 12:25 – 13:58 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 – 12:50 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:13 – 07:46 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:46 – 09:19 | टाळा |
| चर | 09:19 – 10:52 | सम |
| लाभ | 10:52 – 12:25 | शुभ |
| अमृत | 12:25 – 13:58 | शुभ |
| काळ | 13:58 – 15:31 | टाळा |
| शुभ | 15:31 – 17:04 | शुभ |
| रोग | 17:04 – 18:37 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:37 – 20:04 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:04 – 21:31 | शुभ |
| उद्वेग | 21:31 – 22:58 | टाळा |
| शुभ | 22:58 – 00:25 | शुभ |
| अमृत | 00:25 – 01:52 | शुभ |
| चर | 01:52 – 03:19 | सम |
| रोग | 03:19 – 04:45 | टाळा |
| काळ | 04:45 – 06:12 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.