दैनिक पंचांग
शनिवार, 10 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी, 23:40 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 11 एप्रिल, 21:40 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका, 16:07 पर्यंत नंतर रोहिणी, 11 एप्रिल, 14:53 पर्यंत |
| योग | आयुष्मान, 22:21 पर्यंत नंतर सौभाग्य, 11 एप्रिल, 19:37 पर्यंत |
| करण | वणिज, 12:37 पर्यंत नंतर विष्टी, 23:40 पर्यंत नंतर बव, 11 एप्रिल, 10:41 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:01 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 07:54 |
| चंद्रास्त | 22:29 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | वृषभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:12 – 10:47 |
|---|---|
| यमगंड | 13:58 – 15:33 |
| गुलिक काळ | 06:01 – 07:36 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 – 12:48 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 06:01 – 07:36 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:36 – 09:12 | शुभ |
| रोग | 09:12 – 10:47 | टाळा |
| उद्वेग | 10:47 – 12:22 | टाळा |
| चर | 12:22 – 13:58 | सम |
| लाभ | 13:58 – 15:33 | शुभ |
| अमृत | 15:33 – 17:08 | शुभ |
| काळ | 17:08 – 18:44 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:44 – 20:08 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:08 – 21:33 | टाळा |
| शुभ | 21:33 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:22 | शुभ |
| चर | 00:22 – 01:46 | सम |
| रोग | 01:46 – 03:11 | टाळा |
| काळ | 03:11 – 04:35 | टाळा |
| लाभ | 04:35 – 06:00 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.