दैनिक पंचांग
रविवार, 11 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल पंचमी, 21:40 पर्यंत नंतर शुक्ल षष्ठी, 12 एप्रिल, 19:35 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी, 14:53 पर्यंत नंतर मृग, 12 एप्रिल, 13:34 पर्यंत |
| योग | सौभाग्य, 19:37 पर्यंत नंतर शोभन, 12 एप्रिल, 16:48 पर्यंत |
| करण | बव, 10:41 पर्यंत नंतर बालव, 21:40 पर्यंत नंतर कौलव, 12 एप्रिल, 08:38 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 08:48 |
| चंद्रास्त | 23:34 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | वृषभ, 12 एप्रिल, 02:14; नंतर मिथुन, 14 एप्रिल, 05:12 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 17:09 – 18:44 |
|---|---|
| यमगंड | 12:22 – 13:58 |
| गुलिक काळ | 15:33 – 17:09 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 – 12:48 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 06:00 – 07:35 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:35 – 09:11 | सम |
| लाभ | 09:11 – 10:46 | शुभ |
| अमृत | 10:46 – 12:22 | शुभ |
| काळ | 12:22 – 13:58 | टाळा |
| शुभ | 13:58 – 15:33 | शुभ |
| रोग | 15:33 – 17:09 | टाळा |
| उद्वेग | 17:09 – 18:44 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 18:44 – 20:09 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 20:09 – 21:33 | शुभ |
| चर | 21:33 – 22:57 | सम |
| रोग | 22:57 – 00:21 | टाळा |
| काळ | 00:21 – 01:46 | टाळा |
| लाभ | 01:46 – 03:10 | शुभ |
| उद्वेग | 03:10 – 04:34 | टाळा |
| शुभ | 04:34 – 05:59 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.