दैनिक पंचांग
सोमवार, 12 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल षष्ठी, 19:35 पर्यंत नंतर शुक्ल सप्तमी, 13 एप्रिल, 17:29 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग, 13:34 पर्यंत नंतर आर्द्रा, 13 एप्रिल, 12:13 पर्यंत |
| योग | शोभन, 16:48 पर्यंत नंतर अतिगंड, 13 एप्रिल, 13:59 पर्यंत |
| करण | कौलव, 08:38 पर्यंत नंतर तैतिल, 19:35 पर्यंत नंतर गर, 13 एप्रिल, 06:32 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:59 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 09:49 |
| चंद्रास्त | 13 एप्रिल, 00:33 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | मिथुन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:35 – 09:10 |
|---|---|
| यमगंड | 10:46 – 12:22 |
| गुलिक काळ | 13:58 – 15:33 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 – 12:47 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:59 – 07:35 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:35 – 09:10 | टाळा |
| शुभ | 09:10 – 10:46 | शुभ |
| रोग | 10:46 – 12:22 | टाळा |
| उद्वेग | 12:22 – 13:58 | टाळा |
| चर | 13:58 – 15:33 | सम |
| लाभ | 15:33 – 17:09 | शुभ |
| अमृत | 17:09 – 18:45 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 18:45 – 20:09 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:09 – 21:33 | टाळा |
| काळ | 21:33 – 22:57 | टाळा |
| लाभ | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| उद्वेग | 00:21 – 01:45 | टाळा |
| शुभ | 01:45 – 03:09 | शुभ |
| अमृत | 03:09 – 04:34 | शुभ |
| चर | 04:34 – 05:58 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.