दैनिक पंचांग
मंगळवार, 13 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल सप्तमी, 17:29 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 14 एप्रिल, 15:24 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा, 12:13 पर्यंत नंतर पुनर्वसू, 14 एप्रिल, 10:52 पर्यंत |
| योग | अतिगंड, 13:59 पर्यंत नंतर सुकर्मा, 14 एप्रिल, 11:10 पर्यंत |
| करण | गर, 06:32 पर्यंत नंतर वणिज, 17:29 पर्यंत नंतर विष्टी, 14 एप्रिल, 04:26 पर्यंत नंतर बव, 14 एप्रिल, 15:24 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 10:56 |
| चंद्रास्त | 14 एप्रिल, 01:26 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | मिथुन, 14 एप्रिल, 05:12; नंतर कर्क, 16 एप्रिल, 08:18 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:33 – 17:09 |
|---|---|
| यमगंड | 09:10 – 10:46 |
| गुलिक काळ | 12:22 – 13:57 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 – 12:47 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 05:58 – 07:34 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:34 – 09:10 | टाळा |
| चर | 09:10 – 10:46 | सम |
| लाभ | 10:46 – 12:22 | शुभ |
| अमृत | 12:22 – 13:57 | शुभ |
| काळ | 13:57 – 15:33 | टाळा |
| शुभ | 15:33 – 17:09 | शुभ |
| रोग | 17:09 – 18:45 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:45 – 20:09 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:09 – 21:33 | शुभ |
| उद्वेग | 21:33 – 22:57 | टाळा |
| शुभ | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| अमृत | 00:21 – 01:45 | शुभ |
| चर | 01:45 – 03:09 | सम |
| रोग | 03:09 – 04:33 | टाळा |
| काळ | 04:33 – 05:57 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.