दैनिक पंचांग
रविवार, 18 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वादशी, 07:42 पर्यंत नंतर शुक्ल त्रयोदशी, 19 एप्रिल, 06:08 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 06:06 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 19 एप्रिल, 05:15 पर्यंत नंतर हस्त, 20 एप्रिल, 04:40 पर्यंत |
| योग | ध्रुव, 21:58 पर्यंत नंतर व्याघात, 19 एप्रिल, 19:44 पर्यंत |
| करण | बालव, 07:42 पर्यंत नंतर कौलव, 18:53 पर्यंत नंतर तैतिल, 19 एप्रिल, 06:08 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:48 |
| चंद्रोदय | 16:23 |
| चंद्रास्त | 19 एप्रिल, 04:31 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | सिंह, 11:52; नंतर कन्या, 20 एप्रिल, 16:31 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 17:11 – 18:48 |
|---|---|
| यमगंड | 12:20 – 13:57 |
| गुलिक काळ | 15:34 – 17:11 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:46 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 05:52 – 07:29 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:29 – 09:06 | सम |
| लाभ | 09:06 – 10:43 | शुभ |
| अमृत | 10:43 – 12:20 | शुभ |
| काळ | 12:20 – 13:57 | टाळा |
| शुभ | 13:57 – 15:34 | शुभ |
| रोग | 15:34 – 17:11 | टाळा |
| उद्वेग | 17:11 – 18:48 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 18:48 – 20:11 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 20:11 – 21:34 | शुभ |
| चर | 21:34 – 22:57 | सम |
| रोग | 22:57 – 00:20 | टाळा |
| काळ | 00:20 – 01:43 | टाळा |
| लाभ | 01:43 – 03:06 | शुभ |
| उद्वेग | 03:06 – 04:29 | टाळा |
| शुभ | 04:29 – 05:51 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.