दैनिक पंचांग
सोमवार, 19 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी, 06:08 पर्यंत नंतर शुक्ल चतुर्दशी, 20 एप्रिल, 04:51 पर्यंत नंतर पौर्णिमा, 21 एप्रिल, 03:57 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त, 20 एप्रिल, 04:40 पर्यंत नंतर चित्रा, 21 एप्रिल, 04:28 पर्यंत |
| योग | व्याघात, 19:44 पर्यंत नंतर हर्षण, 20 एप्रिल, 17:47 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 06:08 पर्यंत नंतर गर, 17:27 पर्यंत नंतर वणिज, 20 एप्रिल, 04:51 पर्यंत नंतर विष्टी, 20 एप्रिल, 16:21 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:49 |
| चंद्रोदय | 17:24 |
| चंद्रास्त | 20 एप्रिल, 05:03 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | कन्या |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:29 – 09:06 |
|---|---|
| यमगंड | 10:43 – 12:20 |
| गुलिक काळ | 13:57 – 15:34 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:46 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:51 – 07:29 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:29 – 09:06 | टाळा |
| शुभ | 09:06 – 10:43 | शुभ |
| रोग | 10:43 – 12:20 | टाळा |
| उद्वेग | 12:20 – 13:57 | टाळा |
| चर | 13:57 – 15:34 | सम |
| लाभ | 15:34 – 17:12 | शुभ |
| अमृत | 17:12 – 18:49 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 18:49 – 20:11 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:11 – 21:34 | टाळा |
| काळ | 21:34 – 22:57 | टाळा |
| लाभ | 22:57 – 00:20 | शुभ |
| उद्वेग | 00:20 – 01:42 | टाळा |
| शुभ | 01:42 – 03:05 | शुभ |
| अमृत | 03:05 – 04:28 | शुभ |
| चर | 04:28 – 05:50 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.