दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 30 एप्रिल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण नवमी, 17:14 पर्यंत नंतर कृष्ण दशमी, 1 मे, 18:54 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा, 23:10 पर्यंत नंतर शततारका, 2 मे, 01:16 पर्यंत |
| योग | शुक्ल, 18:25 पर्यंत नंतर ब्रह्म, 1 मे, 18:43 पर्यंत |
| करण | गर, 17:14 पर्यंत नंतर वणिज, 1 मे, 06:08 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 1 मे, 02:23 |
| चंद्रास्त | 13:13 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मकर, 09:54; नंतर कुंभ, 2 मे, 20:23 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:39 – 12:18 |
|---|---|
| यमगंड | 15:37 – 17:16 |
| गुलिक काळ | 07:20 – 09:00 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:41 – 07:20 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:20 – 09:00 | शुभ |
| अमृत | 09:00 – 10:39 | शुभ |
| काळ | 10:39 – 12:18 | टाळा |
| शुभ | 12:18 – 13:57 | शुभ |
| रोग | 13:57 – 15:37 | टाळा |
| उद्वेग | 15:37 – 17:16 | टाळा |
| चर | 17:16 – 18:55 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:55 – 20:16 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:16 – 21:36 | टाळा |
| लाभ | 21:36 – 22:57 | शुभ |
| उद्वेग | 22:57 – 00:18 | टाळा |
| शुभ | 00:18 – 01:38 | शुभ |
| अमृत | 01:38 – 02:59 | शुभ |
| चर | 02:59 – 04:20 | सम |
| रोग | 04:20 – 05:40 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.