दैनिक पंचांग
शनिवार, 1 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण दशमी, 18:54 पर्यंत नंतर कृष्ण एकादशी, 2 मे, 19:52 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका, 2 मे, 01:16 पर्यंत नंतर पूर्वा भाद्रपदा, 3 मे, 02:40 पर्यंत |
| योग | ब्रह्म, 18:43 पर्यंत नंतर इंद्र, 2 मे, 18:29 पर्यंत |
| करण | वणिज, 06:08 पर्यंत नंतर विष्टी, 18:54 पर्यंत नंतर बव, 2 मे, 07:28 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:56 |
| चंद्रोदय | 2 मे, 02:52 |
| चंद्रास्त | 14:07 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | कुंभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:59 – 10:39 |
|---|---|
| यमगंड | 13:57 – 15:37 |
| गुलिक काळ | 05:40 – 07:20 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:40 – 07:20 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:20 – 08:59 | शुभ |
| रोग | 08:59 – 10:39 | टाळा |
| उद्वेग | 10:39 – 12:18 | टाळा |
| चर | 12:18 – 13:57 | सम |
| लाभ | 13:57 – 15:37 | शुभ |
| अमृत | 15:37 – 17:16 | शुभ |
| काळ | 17:16 – 18:56 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:56 – 20:16 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:16 – 21:37 | टाळा |
| शुभ | 21:37 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:18 | शुभ |
| चर | 00:18 – 01:38 | सम |
| रोग | 01:38 – 02:58 | टाळा |
| काळ | 02:58 – 04:19 | टाळा |
| लाभ | 04:19 – 05:39 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.