दैनिक पंचांग
सोमवार, 10 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी, 06:23 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 11 मे, 03:48 पर्यंत नंतर शुक्ल षष्ठी, 12 मे, 01:24 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा, 18:08 पर्यंत नंतर पुनर्वसू, 11 मे, 16:26 पर्यंत |
| योग | धृती, 20:06 पर्यंत नंतर शूल, 11 मे, 17:00 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 06:23 पर्यंत नंतर बव, 17:04 पर्यंत नंतर बालव, 11 मे, 03:48 पर्यंत नंतर कौलव, 11 मे, 14:34 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:01 |
| चंद्रोदय | 08:47 |
| चंद्रास्त | 23:22 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मिथुन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:14 – 08:55 |
|---|---|
| यमगंड | 10:36 – 12:17 |
| गुलिक काळ | 13:58 – 15:39 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:33 – 07:14 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:14 – 08:55 | टाळा |
| शुभ | 08:55 – 10:36 | शुभ |
| रोग | 10:36 – 12:17 | टाळा |
| उद्वेग | 12:17 – 13:58 | टाळा |
| चर | 13:58 – 15:39 | सम |
| लाभ | 15:39 – 17:20 | शुभ |
| अमृत | 17:20 – 19:01 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 19:01 – 20:20 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:20 – 21:39 | टाळा |
| काळ | 21:39 – 22:58 | टाळा |
| लाभ | 22:58 – 00:17 | शुभ |
| उद्वेग | 00:17 – 01:36 | टाळा |
| शुभ | 01:36 – 02:55 | शुभ |
| अमृत | 02:55 – 04:14 | शुभ |
| चर | 04:14 – 05:33 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.