दैनिक पंचांग
मंगळवार, 11 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल षष्ठी, 12 मे, 01:24 पर्यंत नंतर शुक्ल सप्तमी, 12 मे, 23:13 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसू, 16:26 पर्यंत नंतर पुष्य, 12 मे, 14:56 पर्यंत |
| योग | शूल, 17:00 पर्यंत नंतर गंड, 12 मे, 14:04 पर्यंत |
| करण | कौलव, 14:34 पर्यंत नंतर तैतिल, 12 मे, 01:24 पर्यंत नंतर गर, 12 मे, 12:17 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:02 |
| चंद्रोदय | 09:56 |
| चंद्रास्त | 12 मे, 00:10 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मिथुन, 10:50; नंतर कर्क, 13 मे, 13:41 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:40 – 17:21 |
|---|---|
| यमगंड | 08:55 – 10:36 |
| गुलिक काळ | 12:17 – 13:58 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 05:33 – 07:14 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:14 – 08:55 | टाळा |
| चर | 08:55 – 10:36 | सम |
| लाभ | 10:36 – 12:17 | शुभ |
| अमृत | 12:17 – 13:58 | शुभ |
| काळ | 13:58 – 15:40 | टाळा |
| शुभ | 15:40 – 17:21 | शुभ |
| रोग | 17:21 – 19:02 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 19:02 – 20:21 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:21 – 21:39 | शुभ |
| उद्वेग | 21:39 – 22:58 | टाळा |
| शुभ | 22:58 – 00:17 | शुभ |
| अमृत | 00:17 – 01:36 | शुभ |
| चर | 01:36 – 02:54 | सम |
| रोग | 02:54 – 04:13 | टाळा |
| काळ | 04:13 – 05:32 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.