दैनिक पंचांग
शनिवार, 15 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल दशमी, 18:18 पर्यंत नंतर शुक्ल एकादशी, 16 मे, 17:13 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 12:00 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 16 मे, 11:35 पर्यंत |
| योग | व्याघात, 06:33 पर्यंत नंतर हर्षण, 16 मे, 04:31 पर्यंत नंतर वज्र, 17 मे, 02:42 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 06:56 पर्यंत नंतर गर, 18:18 पर्यंत नंतर वणिज, 16 मे, 05:43 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:30 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:04 |
| चंद्रोदय | 14:15 |
| चंद्रास्त | 16 मे, 02:32 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | सिंह, 17:52; नंतर कन्या, 17 मे, 23:33 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:54 – 10:35 |
|---|---|
| यमगंड | 13:59 – 15:41 |
| गुलिक काळ | 05:30 – 07:12 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:30 – 07:12 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:12 – 08:54 | शुभ |
| रोग | 08:54 – 10:35 | टाळा |
| उद्वेग | 10:35 – 12:17 | टाळा |
| चर | 12:17 – 13:59 | सम |
| लाभ | 13:59 – 15:41 | शुभ |
| अमृत | 15:41 – 17:23 | शुभ |
| काळ | 17:23 – 19:04 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 19:04 – 20:22 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:22 – 21:41 | टाळा |
| शुभ | 21:41 – 22:59 | शुभ |
| अमृत | 22:59 – 00:17 | शुभ |
| चर | 00:17 – 01:35 | सम |
| रोग | 01:35 – 02:53 | टाळा |
| काळ | 02:53 – 04:11 | टाळा |
| लाभ | 04:11 – 05:29 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.