दैनिक पंचांग
सोमवार, 17 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वादशी, 16:28 पर्यंत नंतर शुक्ल त्रयोदशी, 18 मे, 16:04 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त, 11:29 पर्यंत नंतर चित्रा, 18 मे, 11:43 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 18 मे, 01:10 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 18 मे, 23:55 पर्यंत |
| करण | बालव, 16:28 पर्यंत नंतर कौलव, 18 मे, 04:13 पर्यंत नंतर तैतिल, 18 मे, 16:04 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:29 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:06 |
| चंद्रोदय | 16:16 |
| चंद्रास्त | 18 मे, 03:37 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | कन्या, 23:33; नंतर तूळ, 20 मे, 07:03 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:11 – 08:53 |
|---|---|
| यमगंड | 10:35 – 12:17 |
| गुलिक काळ | 13:59 – 15:41 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:29 – 07:11 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:11 – 08:53 | टाळा |
| शुभ | 08:53 – 10:35 | शुभ |
| रोग | 10:35 – 12:17 | टाळा |
| उद्वेग | 12:17 – 13:59 | टाळा |
| चर | 13:59 – 15:41 | सम |
| लाभ | 15:41 – 17:23 | शुभ |
| अमृत | 17:23 – 19:06 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 19:06 – 20:23 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:23 – 21:41 | टाळा |
| काळ | 21:41 – 22:59 | टाळा |
| लाभ | 22:59 – 00:17 | शुभ |
| उद्वेग | 00:17 – 01:35 | टाळा |
| शुभ | 01:35 – 02:53 | शुभ |
| अमृत | 02:53 – 04:10 | शुभ |
| चर | 04:10 – 05:28 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.