दैनिक पंचांग
गुरुवार, 20 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | पौर्णिमा, 16:29 पर्यंत नंतर कृष्ण प्रतिपदा, 21 मे, 17:23 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 13:21 पर्यंत नंतर अनुराधा, 21 मे, 14:51 पर्यंत |
| योग | परिघ, 22:26 पर्यंत नंतर शिव, 21 मे, 22:15 पर्यंत |
| करण | बव, 16:29 पर्यंत नंतर बालव, 21 मे, 04:52 पर्यंत नंतर कौलव, 21 मे, 17:23 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:07 |
| चंद्रोदय | 19:18 |
| चंद्रास्त | 21 मे, 05:39 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | तूळ, 07:03; नंतर वृश्चिक, 22 मे, 16:50 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:00 – 15:42 |
|---|---|
| यमगंड | 05:27 – 07:10 |
| गुलिक काळ | 08:52 – 10:35 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 05:27 – 07:10 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:10 – 08:52 | टाळा |
| उद्वेग | 08:52 – 10:35 | टाळा |
| चर | 10:35 – 12:17 | सम |
| लाभ | 12:17 – 14:00 | शुभ |
| अमृत | 14:00 – 15:42 | शुभ |
| काळ | 15:42 – 17:25 | टाळा |
| शुभ | 17:25 – 19:07 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 19:07 – 20:25 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:25 – 21:42 | सम |
| रोग | 21:42 – 23:00 | टाळा |
| काळ | 23:00 – 00:17 | टाळा |
| लाभ | 00:17 – 01:35 | शुभ |
| उद्वेग | 01:35 – 02:52 | टाळा |
| शुभ | 02:52 – 04:09 | शुभ |
| अमृत | 04:09 – 05:27 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.