दैनिक पंचांग
शनिवार, 22 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण द्वितीया, 18:48 पर्यंत नंतर कृष्ण तृतीया, 23 मे, 20:42 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा, 16:50 पर्यंत नंतर मूळ, 23 मे, 19:17 पर्यंत |
| योग | सिद्ध, 22:28 पर्यंत नंतर साध्य, 23 मे, 23:02 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 06:02 पर्यंत नंतर गर, 18:48 पर्यंत नंतर वणिज, 23 मे, 07:42 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:09 |
| चंद्रोदय | 21:10 |
| चंद्रास्त | 06:28 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | वृश्चिक, 16:50; नंतर धनु, 25 मे, 04:53 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:52 – 10:35 |
|---|---|
| यमगंड | 14:00 – 15:43 |
| गुलिक काळ | 05:26 – 07:09 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:26 – 07:09 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:09 – 08:52 | शुभ |
| रोग | 08:52 – 10:35 | टाळा |
| उद्वेग | 10:35 – 12:17 | टाळा |
| चर | 12:17 – 14:00 | सम |
| लाभ | 14:00 – 15:43 | शुभ |
| अमृत | 15:43 – 17:26 | शुभ |
| काळ | 17:26 – 19:09 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 19:09 – 20:26 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:26 – 21:43 | टाळा |
| शुभ | 21:43 – 23:00 | शुभ |
| अमृत | 23:00 – 00:17 | शुभ |
| चर | 00:17 – 01:34 | सम |
| रोग | 01:34 – 02:52 | टाळा |
| काळ | 02:52 – 04:09 | टाळा |
| लाभ | 04:09 – 05:26 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.