दैनिक पंचांग
सोमवार, 31 मे 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण दशमी, 10:02 पर्यंत नंतर कृष्ण एकादशी, 1 जून, 09:40 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 12:35 पर्यंत नंतर रेवती, 1 जून, 12:50 पर्यंत |
| योग | आयुष्मान, 1 जून, 02:08 पर्यंत नंतर सौभाग्य, 2 जून, 00:22 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 10:02 पर्यंत नंतर बव, 21:57 पर्यंत नंतर बालव, 1 जून, 09:40 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:13 |
| चंद्रोदय | 1 जून, 02:20 |
| चंद्रास्त | 14:42 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | मीन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:07 – 08:51 |
|---|---|
| यमगंड | 10:35 – 12:18 |
| गुलिक काळ | 14:02 – 15:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:46 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:23 – 07:07 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:07 – 08:51 | टाळा |
| शुभ | 08:51 – 10:35 | शुभ |
| रोग | 10:35 – 12:18 | टाळा |
| उद्वेग | 12:18 – 14:02 | टाळा |
| चर | 14:02 – 15:46 | सम |
| लाभ | 15:46 – 17:30 | शुभ |
| अमृत | 17:30 – 19:13 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 19:13 – 20:30 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:30 – 21:46 | टाळा |
| काळ | 21:46 – 23:02 | टाळा |
| लाभ | 23:02 – 00:18 | शुभ |
| उद्वेग | 00:18 – 01:34 | टाळा |
| शुभ | 01:34 – 02:51 | शुभ |
| अमृत | 02:51 – 04:07 | शुभ |
| चर | 04:07 – 05:23 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.