दैनिक पंचांग
गुरुवार, 5 ऑगस्ट 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी, 6 ऑगस्ट, 02:27 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 7 ऑगस्ट, 00:23 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 09:19 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 6 ऑगस्ट, 07:33 पर्यंत |
| योग | परिघ, 06:48 पर्यंत नंतर शिव, 6 ऑगस्ट, 03:35 पर्यंत नंतर सिद्ध, 7 ऑगस्ट, 00:51 पर्यंत |
| करण | वणिज, 15:44 पर्यंत नंतर विष्टी, 6 ऑगस्ट, 02:27 पर्यंत नंतर बव, 6 ऑगस्ट, 13:20 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:09 |
| चंद्रोदय | 08:46 |
| चंद्रास्त | 21:05 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | सिंह, 14:49; नंतर कन्या, 7 ऑगस्ट, 18:07 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | श्रावण |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:07 – 15:48 |
|---|---|
| यमगंड | 05:44 – 07:25 |
| गुलिक काळ | 09:05 – 10:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:53 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 05:44 – 07:25 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:25 – 09:05 | टाळा |
| उद्वेग | 09:05 – 10:46 | टाळा |
| चर | 10:46 – 12:27 | सम |
| लाभ | 12:27 – 14:07 | शुभ |
| अमृत | 14:07 – 15:48 | शुभ |
| काळ | 15:48 – 17:28 | टाळा |
| शुभ | 17:28 – 19:09 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 19:09 – 20:29 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:29 – 21:48 | सम |
| रोग | 21:48 – 23:07 | टाळा |
| काळ | 23:07 – 00:27 | टाळा |
| लाभ | 00:27 – 01:46 | शुभ |
| उद्वेग | 01:46 – 03:06 | टाळा |
| शुभ | 03:06 – 04:25 | शुभ |
| अमृत | 04:25 – 05:44 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.