दैनिक पंचांग
मंगळवार, 17 ऑगस्ट 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | पौर्णिमा, 12:58 पर्यंत नंतर कृष्ण प्रतिपदा, 18 ऑगस्ट, 15:16 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा, 18 ऑगस्ट, 02:32 पर्यंत नंतर शततारका, 19 ऑगस्ट, 05:15 पर्यंत |
| योग | शोभन, 18 ऑगस्ट, 01:37 पर्यंत नंतर अतिगंड, 19 ऑगस्ट, 02:22 पर्यंत |
| करण | बव, 12:58 पर्यंत नंतर बालव, 18 ऑगस्ट, 02:09 पर्यंत नंतर कौलव, 18 ऑगस्ट, 15:16 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:59 |
| चंद्रोदय | 18:58 |
| चंद्रास्त | 18 ऑगस्ट, 06:33 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | मकर, 13:04; नंतर कुंभ, 20 ऑगस्ट, 01:05 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | श्रावण |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:42 – 17:20 |
|---|---|
| यमगंड | 09:08 – 10:46 |
| गुलिक काळ | 12:25 – 14:03 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:51 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 05:51 – 07:29 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:29 – 09:08 | टाळा |
| चर | 09:08 – 10:46 | सम |
| लाभ | 10:46 – 12:25 | शुभ |
| अमृत | 12:25 – 14:03 | शुभ |
| काळ | 14:03 – 15:42 | टाळा |
| शुभ | 15:42 – 17:20 | शुभ |
| रोग | 17:20 – 18:59 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:59 – 20:20 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:20 – 21:42 | शुभ |
| उद्वेग | 21:42 – 23:03 | टाळा |
| शुभ | 23:03 – 00:25 | शुभ |
| अमृत | 00:25 – 01:46 | शुभ |
| चर | 01:46 – 03:08 | सम |
| रोग | 03:08 – 04:30 | टाळा |
| काळ | 04:30 – 05:51 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.