दैनिक पंचांग
शनिवार, 21 ऑगस्ट 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी, 20:05 पर्यंत नंतर कृष्ण पंचमी, 22 ऑगस्ट, 20:45 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 09:39 पर्यंत नंतर रेवती, 22 ऑगस्ट, 11:11 पर्यंत |
| योग | शूल, 22 ऑगस्ट, 02:54 पर्यंत नंतर गंड, 23 ऑगस्ट, 02:19 पर्यंत |
| करण | बव, 07:33 पर्यंत नंतर बालव, 20:05 पर्यंत नंतर कौलव, 22 ऑगस्ट, 08:29 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 20:52 |
| चंद्रास्त | 09:14 |
| सूर्य रास | सिंह |
| चंद्र रास | मीन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | श्रावण |
| महिना (पौर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शके | 1949 · प्लवंग |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:08 – 10:46 |
|---|---|
| यमगंड | 14:01 – 15:39 |
| गुलिक काळ | 05:53 – 07:30 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:50 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:53 – 07:30 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:30 – 09:08 | शुभ |
| रोग | 09:08 – 10:46 | टाळा |
| उद्वेग | 10:46 – 12:24 | टाळा |
| चर | 12:24 – 14:01 | सम |
| लाभ | 14:01 – 15:39 | शुभ |
| अमृत | 15:39 – 17:17 | शुभ |
| काळ | 17:17 – 18:55 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:55 – 20:17 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:17 – 21:39 | टाळा |
| शुभ | 21:39 – 23:02 | शुभ |
| अमृत | 23:02 – 00:24 | शुभ |
| चर | 00:24 – 01:46 | सम |
| रोग | 01:46 – 03:09 | टाळा |
| काळ | 03:09 – 04:31 | टाळा |
| लाभ | 04:31 – 05:53 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.